फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐतिहासिक जौलजीबी मेला कल से

विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। काली और गोरी नदी के संगम पर लगने वाला ऐतिहासिक जौलजीबी मेला बुधवार से शुरू हो जाएगा। मेले को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विज्ञापन


जौलजीबी मेले में स्टॉल सजने लग गए हैं। मेले में मुख्यतया ऊनी कपड़ों, थुलमा, चुटका, पंखी, चायनीज कंबल, जैकेट, जूते, सुहागा, उच्च हिमालयी क्षेत्र की जड़ीबूटी, रिंगाल से बने मोस्टे, डोके, डलिया, लोहे के बर्तन, मिठाइयां आदि खूब बिकते हैं। मेले में लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए करीब 35 स्टॉल लगे हैं। इसके अलावा 250 से अधिक स्टॉल व्यापारियों के लिए लगाए गए हैं।

मेले में भारत-नेपाल की सांझी संस्कृति के भी दर्शन होंगे। इसके अलावा छात्रों के रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। मेला मैदान नेपाल, फरीदाबाद, जम्मू, राजस्थान, इलाहाबाद, हल्द्वानी आदि जगहों से व्यापारी पहुंच चुके हैं। मेलाधिकारी आरके पांडेय ने बताया कि मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विज्ञापन




असामाजिक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर
जौलजीबी मेले के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस ने भी तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि प्रदेश में निकाय चुनाव होने के चलते इस बाद पीएसी अब तक नहीं मिल पाई है। इंस्पेक्टर भीम भाष्कर आर्य ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 20 दारोगा और 60 जवान तैनात रहेंगे। पांच महिला दारोगा भी तैनात की गई हैं। बम डिस्पोजल स्क्वायड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस भी तैनात रहेगी। मेले के दौरान असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी निगाह रहेगी।


गोरीपुल और थाने के पास रहेंगे वाहन
जौलजीबी कोतवाली निरीक्षक भीम भाष्कर आर्या ने बताया कि पिथौरागढ़, मदकोट की ओर से आने वाले वाहन गोरीपुल और धारचूला से आने वाले वाहन थाने के पास खड़े रहेंगे। पिथौरागढ़, हल्द्वानी आदि जगहों पर जाने वाले वाहनों को सीधे जाने दिया जाएगा। बाजार क्षेत्र में वाहन खड़े करना प्रतिबंधित रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें