पिथौरागढ़। चुनाव का ही सबब है कि गांव के खेत-खलिहानों से किनारा करने वाले प्रत्याशी भी इन दिनों वोट के लिए खेत में ट्रैक्टर पर हाथ आजमा रहे हैं। कुछ ग्रामीण महिलाओं के साथ ओखल में मूसल से च्यूड़े कूट रहे हैं। आमा, ताई भी प्रत्याशियों को आशीर्वाद देते हुए कह रही हैं- इजा ठीक छ, तैसे वोट द्यूंला।
एक ओर दीपावली का पर्व, वहीं दूसरी ओर चुनाव की सरगर्मी। सीमांत में सुबह-शाम पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच पालिकाध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के पसीने छूट रहे हैं। सुबह नौ बजे से ही प्रत्याशी समर्थकों के साथ प्रचार के लिए गलियों में निकल रहे हैं। पिछले बार तक पिथौरागढ़ पालिका में 15 वार्ड थे, जो परिसीमन के बाद अब 20 हो गए हैं। पांच गांवों को पालिका में शामिल किया गया है। इन गांवों में किसका पलड़ा भारी रहेगा, यह तो वक्त बताएगा।
इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में खेती का काम हो रहा है। गेहूं, मसूर की बुवाई चल रही है। रई, बस्ते, धनौड़ा, ऐंचोली आदि स्थानों पर महिलाएं खेतों में जुटी हैं। उम्मीदवार भी वोट के लिए खेतों में ही पहुंचकर पांव छूकर आशीर्वाद ले रहे हैं। वह लगे हाथों महिलाओं का हाथ भी बंटा रहे हैं।
कोई खेत जुताई में मदद कर रहा है तो कोई भैय्यादूज के लिए सिर पर रखने के लिए ओखल में कूट कर बनाए जाने वाले च्यूड़े बनाने में अपने बाजुओं का दम दिखा रहा है। महिलाएं किसी भी उम्मीदवार को निराश नहीं कर रही हैं। वह आशीर्वाद देते हुए भरोसा दिला रही हैं-ईजा तै है अलावा कैस वोट द्यूंला तैं ई जितले।