छलिया दल के साथ थिरकते कैलास यात्री
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कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिए शुक्रवार को 16वां दल भी निकल गया है। दल में नौ महिलाओं समेत कुल 44 यात्री हैं। कैलास मानसरोवर की यात्रा पर अब दो दल और जाएंगे। शुक्रवार को यात्री दोपहर भोजन के लिए यहां पर्यटक आवासगृह पहुंचे। यात्रियों को कुमाऊंनी व्यंजन परोसे गए। बाद में यात्री दल आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मुख्यालय मिर्थी पहुंचा। यात्रियों का छलिया दल के साथ स्वागत हुआ। दल के लायजन आफीसर अजय निर्मलकर ने बताया कि सभी यात्रियों में कैलास मानसरोवर दर्शनों को लेकर अपार उत्साह है।
आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र के मौसम और रास्तों की जानकारी देते हुए कहा कि इन इलाकों में सावधानी बरतनी चाहिए। आईटीबीपी ने सभी खतरनाक स्थानों पर अपने जवान तैनात किए हैं। दल में सबसे कम उम्र के यूपी निवासी 25 वर्षीय वैभव जैन और सबसे ज्यादा उम्र के तेलंगाना निवासी 67 वर्षीय लक्ष्मेश काष्ठी हैं। शुक्रवार को यात्री आधार शिविर में रुकेंगे और शनिवार सुबह धारचूला से प्रथम पड़ाव सिर्खा को रवाना होंगे।
छोटा कैलास यात्रियों ने किया पौधरोपण
पिथौरागढ़। छोटा कैलास की यात्रा कर लौटे तेरहवें दल का यहां केएमवीएन के गेस्ट हाउस में स्वागत किया गया। यात्रियों ने मानसरोवर यात्री वाटिका में पौधरोपण किया। दल के यात्रियों ने दोपहर का भोजन गेस्टहाउस में किया। यात्रियों ने केएमवीएन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा में जाते समय धारचूला में उन लोगों से स्वच्छता अभियान के शपथ पत्र भराए गए। हिमालय बचाने का संकल्प दिलाया गया। यात्रियों ने छोटा कैलास, पार्वती ताल, ऊं पर्वत को मनभावन बताते हुए कहा कि मनुष्य को जीवन में एक बार इन स्थलों के दर्शन अवश्य करने चाहिए। दल में 11 पुरुष, 3 महिलाएं शामिल थे। स्वागत करने वालों में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी, महेश कुमार, हर सिंह, संजय पुनेड़ा, नारायण दत्त शामिल थे।