पिथौरागढ़। जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदांडे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वन अग्नि सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इस दौरान वनों में आग की घटनाओं को रोकने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। साथ ही वन अग्नि प्रबंधन योजना 2019 का भी अनुमोदन किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रीष्मकाल में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए वन विभाग अभी से पूर्ण तैयारी करना सुनिश्चित करे। उन्होंने वन क्षेत्रांतर्गत विशेष रूप से चीड़ के जंगलों में फायर लाइन बनाने, पिरूल को एकत्रित कर सुरक्षित स्थानों में रखने के निर्देश दिए। डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण देने, वन पंचायतों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने को कहा। प्रभागीय वनाधिकारी विनय कुमार भार्गव ने बताया कि पिथौरागढ़ वन प्रभाग अंतर्गत वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सभी सात रैंज में 99 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं।
इनमें चार से छह कर्मचारी प्रत्येक क्रू स्टेशन में तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त संवेदनशील स्थानों में छह वाच टॉवर स्थापित किए गए हैं। वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम को विभिन्न विद्यालयों के साथ ही ग्रामीण स्तर गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। वन क्षेत्रों में फायर लाइनों की सफाई का भी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। साथ ही जिला, विकास खंड और वन पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया गया है। बैठक में 130 ईटीएफ के मेजर दीपक, फायर ऑफिसर एनएस बिष्ट, वन सरपंच पुष्कर मेहता, देवेंद्र पांडेय, लोनिवि के एके पांडेय, केएस गड़िया आदि मौजूद रहे।