पिथौरागढ़। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की टीम मंगलवार को पिथौरागढ़ पहुंची। यहां पर अधिकारियों ने वन्य जीव अंगों की तस्करी से संबंधित फाइलें खंगाली। वन विभाग के अधिकारियों से भी वन्य जीवों की तस्करी से संबंधित मामलों पर बंद कमरे में पूछताछ की गई।
सीबीआई के डीएसपी के नेतृत्व में मंगलवार को प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय पहुंची टीम ने चार-पांच वर्षों में जिले में पकड़े गए वन्य जीव तस्करी के मामलों से संबंधित फाइलें देखी। सीबीआई के अधिकारियों ने मृत पाए गए तेंदुओं एवं अन्य वन्य जीवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ी। तस्करी में लिप्त लोगों के संबंध में भी जानकारी हासिल की।
बता दें कि चीन और नेपाल की सीमा से लगे पिथौरागढ़ जिले में हर साल वन्य जीव अंगों की तस्करी के मामले आते हैं। इसके अलावा हर साल लगभग आधा दर्जन तेंदुओं की मौत होती है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई के अधिकारी पिथौरागढ़ वन विभाग के अंतर्गत आने वाले सात रेंजों की जांच करेंगे। माना जा रहा है कि सीबीआई के अधिकारी पिथौरागढ़ जनपद में तस्करी के मामलों की जांच के दौरान तस्करों के चीन और नेपाल कनेक्शन की पड़ताल भी करेंगे।
दो सालों में हुई 16 तेंदुओं की मौत
पिथौरागढ़। जनवरी 2016 से अब तक पिथौरागढ़ जिले में 16 से अधिक तेंदुओं की मौत हो चुकी है। वन विभाग के अनुसार मौत का कारण बीमारी और आपसी संघर्ष रहा है।
दो साल में पकड़ी गई एक दर्जन से अधिक खालें
पिथौरागढ़। 2016 से अब तक पुलिस एवं वन विभाग ने तेंदुओं की एक दर्जन खालें और लगभग आठ किलो से अधिक हड्डियों के साथ तस्करों को पकड़ा। सबसे अधिक मामले 2017 में सामने आए। इनमें पांच खालें और पांच तस्कर पकड़े गए थे।