पिथौरागढ़। निकाय चुुनाव को लेकर अदालत के फैसले के बाद गेंद पूरी तरह से सरकार के पाले में आ गई है। अब सरकार पूर्व के सीमांकन या फिर नए परिसीमन के मुताबिक चुनाव कराने को स्वतंत्र हो गई है। इन हालातों में सरकार के नए परिसीमन के आधार पर चुनाव कराने की अधिक उम्मीद है।
सरकार ने पिथौरागढ़ नगर पालिका के सीमा विस्तार के साथ ही नए सिरे से परिसीमन के बाद अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत नगर के आसपास की छह ग्राम सभाओं को पालिका में शामिल किया था। पालिका में शामिल होनी वाली ग्राम पंचायतों में दौला, नेड़ा, बस्ते, धनौड़ा, ऐंचोली, सिकराड़ी को शामिल किया था। इसके साथ ही पालिका के वार्डो की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी थी।
हालांकि इससे पहले अदालत के आदेश के बाद पालिका में पूर्वस्थिति बहाल हो गई थी। लेकिन अब अदालत ने सरकार को अपने विवेक के अनुसार चुनाव कराने के लिए स्वतंत्र घोषित कर दिया है। इससे सरकार का अपनी मंशा के मुताबिक चुुनाव का रास्ता फिलहाल साफ हो गया है। इन हालातों में पालिका में सीमा विस्तार और नए परिसीमन के आधार पर चुुनाव की संभावना है।
अदालत के फैसले को चुनौती देंगे
सरकार के सीमा विस्तार का विरोध कर रही ग्राम सभाएं अदालत के इस आदेश को चुनौती देंगी। इस मामले को लेकर नैनीताल उच्च न्यायालय में याचिका करने वाले दौला ग्राम प्रधान भूपेश नगरकोटी का कहना है कि सरकार ने सीमा विस्तार के लिए गलत तथ्यों का सहारा लिया है। उन्होंने कहा कि वह अदालत के इस फैसले को चुनौती देंगे।