पिथौरागढ़। स्वाधीनता सेनानी स्वर्गीय दीवान सिंह दशौनी के गांव सिमायल (बेड़ीनाग) तक आजादी के 70 साल बाद भी सड़क नहीं पहुंचने से सेनानी के पुत्र बेहद आहत हैं। उन्होंने इसे स्वाधीनता सेनानी का अपमान बताते हुए प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। साथ ही सड़क न बनने पर अगली बार 1100 पत्र एक साथ भेजने की बात कही है।
सेनानी के पुत्र उम्मेद सिंह दशौनी ने पत्र में कहा है कि लगातार मांग उठाने के बाद भी पाताल भुवनेश्वर से सटे सिमायल गांव के लिए सड़क नहीं बनाई जा रही है। इससे गांव के लोगों को सड़क तक आने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। पत्र में लिखा है कि उनके पिता ने देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई।
देश की आजादी के लिए उन्होंने अपना घर तक छोड़ दिया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल होकर आजादी की लड़ाई लड़ी। बावजूद इसके उनका गांव उपेक्षित है।