पिथौरागढ़। वर्ष 2001 के बाद नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों के लिए डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन) का प्रशिक्षण अनिवार्य करने का विरोध शुरू हो गया है। रविवार को यहां हुई प्राथमिक शिक्षकों की बैठक में कहा गया कि डीएलएड प्रशिक्षण के लिए 15 नवंबर से पंजीकरण किया जाना है, लेकिन कोई भी शिक्षक पंजीकरण नहीं करेगा। बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया ने शिक्षकों का पूरा समर्थन देने का ऐलान किया।
बैठक में कहा गया कि विभागीय अधिकारी प्राथमिक शिक्षकों को बार-बार कई प्रकार के आदेशों का हवाला देकर डरा रहे हैं। सभी शिक्षकों से कहा गया कि वह किसी भी दशा में प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण न कराएं, यदि कोई शिक्षक पंजीकरण कराता है, तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार रहेगा। यह भी तय हुआ कि 15 नवंबर को इस मुद्दे पर विचार के लिए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष और जिला मंत्री देहरादून में होने वाली बैठक में भाग लेने जाएंगे।
यह भी चेतावनी दी गई कि यदि शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए बाध्य किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। शिक्षकों में सरकार और अधिकारियों के खिलाफ इस बात को लेकर गुस्सा है कि पहले विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण देकर शिक्षकों को नियुक्ति दी गई, उनको प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ दिया गया और पदोन्नति के अवसर दिए गए, लेकिन अब उन शिक्षकों को ही अप्रशिक्षित घोषित किया जा रहा है। बैठक में हरीश पंत, हीरा चंद, नवीन पुनेठा, सीएस जोशी, दीपक उप्रेती, राजू उप्रेती, दीपक पंत आदि शिक्षक उपस्थित थे।