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वनरावत आवासीय विद्यालय पर संकट के बादल

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पिथौरागढ़। जौलजीबी स्थित वनरावत आवासीय विद्यालय पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड से विद्यालय के संचालन के लिए दो वर्ष से कोई सहायता नहीं मिली है। विद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों ने बुधवार को जिला मुख्यालय आकर प्रदर्शन किया और एक माह के भीतर वेतन भुगतान की मांग की।
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समाजसेवी लीला बनंग्याल के नेतृत्व में यहां पहुंचे कर्मचारियों ने बताया कि पिछले महीने मुख्य विकास अधिकारी आशीष चौहान के आदेश पर कक्षा चार और पांच के 22 बच्चों को बलुवाकोट के आवासीय विद्यालय में शिफ्ट किया गया, लेकिन कक्षा एक से तीन तक के 23 बच्चों की कोई व्यवस्था नहीं की गई। यह भी कहा गया कि बच्चों को तो अन्य विद्यालयों में प्रवेश दिया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों के बारे में कोई नहीं सोचता।

कर्मचारियों का कहना है कि वनरावत बच्चों को शिक्षा देने के लिए खोले गए जौलजीबी के आवासीय विद्यालय की दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस तरह की अव्यवस्थाओं में विद्यालय बंद हो जाएगा। विद्यालय के कर्मचारी नंदन मेहरा, पूरन कन्याल, नारायण चंद, फुना रजवार, शेर सिंह रजवार, सरस्वती पार, रजनी देवी, पार्वती देवी, इंद्र चंद रजवार आदि ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है और विद्यालय का वित्तीय संकट दूर करने की मांग की है।
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बता दें कि विद्यालय को केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड से मिलने वाले अनुदान को दिलाने के लिए कई जिलाधिकारी पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ स्वयंसेवी संस्थाएं भी विद्यालय संचालन की इच्छा से आगे आई थी, अब उन्होंने भी मुंह फेर लिया है।
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