ग्राम पंचायत सदस्यों के 12 पद अब भी रिक्त
पिथौरागढ़। जिले में ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए हुए उप चुनाव के बाद भी 12 पद अभी रिक्त पड़े हैं। जिले में 31 ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया पिछले माह संपन्न हुई थी। 19 पदों पर ग्राम पंचायत सदस्य निर्विरोध चुने गए। अभी रिक्त पदों को भरने के लिए शासन से फिर से प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बताया गया कि ग्राम पंचायतों के लिए वर्ष 2014 में हुए चुनाव के समय सभी में कोरम के अनुसार ग्राम पंचायत सदस्य चुन लिए गए थे, लेकिन सभी वार्डों में सदस्यों का चुनाव न होने और पद रिक्त रहने से उस वार्ड का ग्राम पंचायत में प्रतिनिधित्व नहीं हो पा रहा था।
पंचस्थानी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश रिक्त पदों पर आरक्षण की वजह से भी दावेदार नहीं मिल पाए। बताया गया कि कनालीछीना, डीडीहाट और बेड़ीनाग में अब ग्राम पंचायत सदस्य का कोई पद रिक्त नहीं है। विण विकासखंड में मझेड़ा, दिगतोली, जमराड़ी में अभी चार पद रिक्त हैं। इसी तरह गंगोलीहाट में नायल और कांडा में ग्राम पंचायत सदस्य का एक-एक पद रिक्त है।
मूनाकोट में सौरलेख, जीबीमईगूंठ, दिगांस, जाजरचिंगरी, तड़ेमियां, हल्दू में सदस्य का एक-एक पद रिक्त चल रहा है। धारचूला और मुनस्यारी विकासखंड में सभी पद पहले से भरे हैं। पंचायती व्यवस्था में ग्राम पंचायत सदस्य का पद सबसे छोटा होता है। उसकी भूमिका सिर्फ ग्राम पंचायत की बैठक में भाग लेने की रहती है। इस पद की ज्यादा अहम भूमिका न होने के कारण इसका आकर्षण कम रहता है।
सभी पदों को भरा जाना जरूरी
ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायतों में सदस्यों के सभी पद भरे जाने जरूरी हैं। इससे ग्राम पंचायतों के विकास में पारदर्शिता आती है और हर वार्ड में समान रूप से काम होते हैं। यदि किसी वार्ड में सदस्य का पद खाली हो तो उसकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं होता। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के बाद भी सदस्यों के पद रिक्त रहना चिंता का विषय है। लोगों को ऐसे मामलों में जागरूकता लानी चाहिए। अलबत्ता उन्होंने यह भी कहा कि कोरम पूरा होने पर ग्राम पंचायतों की बैठक पर रिक्त पदों का असर नहीं पड़ता।