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पंचायत चुनाव नियमावली में संशोधन से नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन

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पिथौरागढ़। पंचायत एक्ट को पूर्ववत रखने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पंचायती चुनाव नियमावली में किए गए परिवर्तन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उधर कनालीछीना के ग्राम प्रधान संगठन ने लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।

प्रदर्शन स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि विधान सभा और लोक सभा चुनाव के लिए बच्चों या शिक्षा की कोई बाध्यता नहीं है। जबकि उत्तराखंड में पंचायत चुनावों में तीन बच्चों के माता-पिता को चुनाव से वंचित रखना न्याय संगत नहीं है। इस पंचायत एक्ट से पंचायतों को पंगु बनाया जा रहा है। रौबिन किसान क्लब के अध्यक्ष अनिल चंद ने कहा कि इससे भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिलेगा। सुभाष जोशी ने इसे तानाशाही बताया। व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर महर ने कहा कि सरकार को यह काला कानून वापस लेना होगा। प्रदर्शन करने वालों में आलोक चौधरी, जगत सिंह, दीपक लुंठी, गुलाब सिंह, ग्राम प्रधान पुष्कर गोबाड़ी, कांग्रेस प्रवक्ता खीमराज जोशी, जिला पंचायत सदस्य सुरेश कुमार, मदन सन्याल आदि शामिल थे।
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निर्णय वापस नहीं लिया तो सड़क पर उतरेंगे
कनालीछीना । कनालीछीना में चर्मा मलान की ग्राम प्रधान जानकी उपाध्याय की अध्यक्षता में आयोजित प्रधान संगठन की बैठक में सरकार के निर्णय का विरोध किया गया। प्रधानों ने कहा कि दो बच्चों और शिक्षित होने की बाध्यता पंचायत चुनावों में कई लोगों को चुनाव में शामिल होने से वंचित कर देगी। यदि सरकार ने इस नियम को वापस नहीं लिया तो सभी प्रधान और सदस्य सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में भूपेंद्र पोखरिया, बलवंत कुमार, प्रयाग कुमार, पार्वती देवी, जगदीश कुमार, जानकी देवी, कुंडल सिंह, राजेंद्र सिंह, कौशल्या देवी, राजेश सिंह, कलावती देवी, नरेंद्र सिंह सहित दर्जनों ग्राम प्रधान उपस्थित थे।
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