कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना कस्बे में पानी का संकट गहरा गया है। स्रोत में पानी कम होने से नलों में पानी नहीं आ रहा है। व्यापारियों को 10 रुपये लीटर पानी खरीदना पड़ रहा है। पेयजल संकट के चलते होटल व्यवसायी सबसे अधिक परेशान हैं।
कनालीछीना बाजार और गांवों के लिए कुलान और जोग्यानी गाड़ स्रोत से पानी की आपूर्ति की जाती है। गर्मी शुरू होते ही इन दोनों स्रोतों में पानी बेहद कम हो गया है। नलों पर पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है। इससे क्षेत्र की करीब दो हजार की आबादी को भीषण पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। लोग दूर दराज नौले धारों से पानी जुटा रहे हैं। नलों में पानी नहीं आने से सबसे अधिक परेशानी होटल व्यवसायियों को हो रही है। कस्बे में मुख्य व्यवसाय होटलों का ही है। होटल व्यवसायी सुबह होते ही नेपाली मजदूरों से दूरदराज के स्रोतों से पानी का ढुलान करा रहे हैं। ऐसे में उन्हें एक लीटर पानी 10 रुपये में खरीदने को विवश होना पड़ रहा है।
भवन स्वामी भी पानी नहीं आने से परेशान हैं। पशुपालकों को भी मवेशियों के लिए पानी जुटाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता जेके कापड़ी का कहना है कि वर्तमान में कस्बे में आबादी बढ़ चुकी है। जबकि पेयजल योजनाएं अभी भी पुरानी हैं। इससे हर साल पेयजल किल्लत बढ़ती जा रही है। कनालीछीना के होटल व्यवसायियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने की मांग उठाई है।