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डीएम ने सिंचाई विभाग को दिए स्थलीय निरीक्षण के आदेश

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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। महाकाली नदी के डायवर्जन के मामले की अब दो-दो जांच होंगी। बैतड़ी (नेपाल) प्रशासन ने नदी के डायवर्जन से इंकार किया है और कहा है कि नदी में हुए बदलाव का पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन कराया जाए। उधर, एसएसबी की ओर से कंपनी मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में नदी को डायवर्ट करने की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ ने सिंचाई विभाग को स्थलीय निरीक्षण का आदेश दिया है।
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बृहस्पतिवार को भारतीय क्षेत्र के कानड़ी गांव के सामने नेपाल के तटीय इलाके में नदी में पोकलैंड उतार दी गई थीं। इस पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नेपाल की ओर महाकाली नदी में मशीनें लगाने से नदी में क्या परिवर्तन आया है, इसकी पड़ताल की जाएगी। वह खुद जाकर निरीक्षण करेंगे। भारतीय क्षेत्र को नुकसान होने की दशा में बैतड़ी प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा।

उधर, बैतड़ी के सीडीओ आनंद पौडेल ने बताया महाकाली नदी और उसके किनारे किसी भी कार्य को करने की अनुमति नगरपालिका से लेनी होती है। इस मामले की जांच की जाएगी। मेयर नरेंद्र थापा ने बताया नगरपालिका ने महाकाली नदी में काम करने के आदेश किसी भी विभाग को नही दिए हैं। पालिका नदी से होने वाले पर्यावरण प्रभाव का मूल्यांकन करेगी। एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेट जसपाल सिंह ने क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट कंपनी मुख्यालय को भेज दी है। रिपोर्ट में नेपाल की और नदी में मलबे का ढेर लगाकर नदी का डायवर्जन करने की बात कही गई है।
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