मदकोट(पिथौरागढ़)। नेपाल के मकालू पर्वत में आरोहण के दौरान मृत नारायण सिंह परिहार का पार्थिव शरीर 11 दिन बीतने के बाद भी भारत नहीं लाया जा सका है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
16 मई को मकालू पर्वत पर चढ़ने के दौरान कुमाऊं स्काउट के सैनिक नारायण सिंह परिहार की मौत हो गई थी। अभी तक जवान का पार्थिव शरीर यहां नहीं पहुंच सका है। मौसम खराब होने के कारण शव लाने में देरी की बात कही जा रही है। मृतक जवान की पत्नी, बच्चे और बूढ़े माता-पिता पिछले 11 दिनों से बरम गांव में शव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। पूरे गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।
रविवार को भाजपा नेता जगत मर्तोलिया ने बरम गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। जवान की पत्नी दीपा देवी, पिता वीर सिंह और माता मोतिमा देवी सहित बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मर्तोलिया ने इतने दिन बीतने के बाद भी किसी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि जवान के परिवार की सुध नहीं लेने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समस्या बताने के लिए जिले के आला अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने इसके खिलाफ डीएम कार्यालय परिसर में धरना देने की चेेतावनी दी।
जवान की पत्नी और माता-पिता को ग्लूकोज चढ़ाया
पिथौरागढ़। भाजपा नेता जगत मर्तोलिया के प्रयास पर धारचूला से पहुंची मेडिकल टीम डा.आलम अमीर, नर्सिंग स्टाफ महेंद्र, वार्ड ब्वाय विजय कुमार ने पर्वतारोही जवान नारायण सिंह की पत्नी और माता- माता के स्वास्थ्य की जांच की। डा.आलम ने बताया कि शहीद की माता का ब्लड प्रेशर लो मिला। भोजन नहीं करने से उनके स्वास्थ्य में गिरावट को देखते हुए तीनों को ग्लूकोज चढ़ाया गया। इससे पूर्व सेना के नर्सिंग स्टाफ की ओर से भी उनकी जांच की जा रही थी। कुमांऊ स्काउट के स्टेशन कमांडर कर्नल आरएस बिष्ट ने नारायण सिंह के पार्थिव शरीर के 26 या 27 मई तक यहां लाए जाने की बात कही है।