धारचूला (पिथौरागढ़)। व्यास घाटी के ग्रामीण प्रवास पर अपने मूल गांवों में पहुंच चुके हैं। ग्रामीण अपनी कुशलता की खबर सेटेलाइट फोन से अपने रिश्तेदारों को देते थे। इस बार सेटेलाइट फोन सेवा बंद होने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान के लिए जन प्रतिनिधियों ने उप जिलाधिकारी वरुण अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा।
गर्मियों के सीजन में बूंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नाबी, रोंकांग और कुटि के लोग प्रवास पर गांव पहुंच गए हैं। ग्रामीण सेटेलाइट फोन से अपनी कुशलता की जानकारी रिश्तेदारों को देते थे। अब सेटेलाइट सेवा बंद होने से ग्रामीण परेशान है। बूंदी की प्रधान लक्ष्मी रायपा, गर्ब्यांग की पुष्पा गर्ब्याल, नपलच्यू की गंगोत्री नपलच्याल, गुंजी की अर्चना गुंज्याल, नाबी की सनम देवी, रोंकांग के हरीश रोकली, कुटि की सरिता देवी ने संचार व्यवस्था के लिए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
गुंजी की प्रधान अर्चना गुंज्याल ने कहा बीएसएनएल और प्रशासन को संचार व्यवस्था को ठीक करना चाहिए। रं कल्याण संस्था के संरक्षक अशोक नबियाल और अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने कहा कि संचार सेवा शीघ्र शुरू नहीं होने पर लोग नेपाली संचार माध्यमों का सहारा लेने को मजबूर होंगे। उधर, दारमा घाटी के तल्ला दारमा के तीजम, उमचिया, दर और बोंगलिंग सहित प्रवास वाले 14 गांव सेला, चल, नांगलिग, बॉलिंग, दुग्तु, सोन, बोन, फिलम, दांतु गो, ढाकर, तिदांग, मारछा और सीपू के ग्रामीण भी सेटेलाइट फोन सेवा खराब होने के कारण अपने परिचितों से बात नहीं कर पा रहे हैं। बीडीसी सदस्य मनोज नगन्याल और दारमा सेवा संगठन अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सेलाल ने कहा कि प्रशासन ने यदि संचार की व्यवस्था ठीक नहीं की तो आंदोलन किया जाएगा।