पिथौरागढ़। उत्तराखंड में 45 हजार करोड़ के कर्ज में डूबा हुआ है। सरकार को इसी के ब्याज पर करीब पांच करोड़ रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। वित्त मंत्री प्रकाश पंत का दावा है कि सरकार विकास कार्यों को अवरुद्ध नहीं होने देगी।
प्रदेश सरकार का 15 फरवरी को बजट पेश होना है। वित्त मंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। महिलाओं ओर बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार है। रविवार को वित्त मंत्री ने बताया कि राजस्व बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड पर वर्तमान में 45 हजार करोड़ का कर्जा है। प्रतिवर्ष अठारह हजार करोड़ रुपये वेतन, भत्ते आदि में व्यय हो जाते हैं। जन विकास के लिए आठ हजार करोड़ रुपये सरकार ऋण लेती है। इसमें से विकास की योजनाओं में केंद्र सरकार से 90 प्रतिशत अनुदान और 10 फीसदी राज्य सरकार ऋण के रूप में वहन करती है।