पिथौरागढ़। चमू बैंड-चौबाटी सड़क की उपेक्षा से आहत संघर्ष समिति ने अब निर्णायक आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति सदस्यों ने कहा कि सड़क का इंतजार करते 22 वर्ष बीत गए हैं, अब शीघ्र ही जन संपर्क कर वृहद आंदोलन शुरू किया जाएगा।
वर्ष 1994 में चमू बैंड से चौबाटी तक सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र की जनता ने आंदोलन किया। तत्कालीन विधायक काशी सिंह ऐरी के प्रयासों से 16 किमी सड़क की स्वीकृति मिली, लेकिन तब चमू बैंड से धुरौली तक पांच किमी सड़क ही बन पाई। तब से कांडा, चिटगाल गांव, कन्यूरी, भटीगांव, तड़खेत, सौगांव, मेलकूड़ा के कई परिवार सड़क की बाट जोहते गांवों तक छोड़ चुके हैं। आवश्यक वस्तुओं के लिए भी लोगों को अब भी 10 किमी की पैदल दौड़ लगानी पड़ती है। प्रसव पीड़िता और बीमार लोगों को डोली पर बैठाकर लाना पड़ता है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष कृष्णानंद चौसाली की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि अब क्षेत्र की उपेक्षा सहन नहीं की जाएगी। बैठक में पूर्व कैप्टन हरीश चौसाली, कैलाश चौसाली, लक्ष्मीदत्त चौसाली, धर्मानंद चौसाली, अंबा दत्त चौसाली, मोहन चौसाली, त्रिलोकी नाथ, सुरेश, केएन चौसाली, जीवन चौसाली, शंकर दत्त आदि थे।