कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना में खोला गया पॉलीटेक्निक कॉलेज अव्यवस्थाओं के बीच संचालित हो रहा है। कॉलेज में प्रवक्ताओं के कई पद रिक्त हैं। मात्र एक ट्रेड के सहारे चल रहे कॉलेज में दूसरा ट्रेड संचालित करने की सरकार की घोषणा भी कोरी साबित हुई है।
वर्ष 2008 में कनालीछीना में इलेक्ट्रिकल ट्रेड के साथ पॉलीटेक्निक कॉलेज की स्थापना की गई। नौ वर्षों तक कॉलेज राजकीय इंटर कॉलेज के भवन में संचालित हुआ। अप्रैल 2018 में 3.23 करोड़ की लागत से बने भवन में पॉलीटेक्निक कॉलेज शिफ्ट हुआ है। भवन तो बन गया, लेकिन 80 छात्रसंख्या वाले कॉलेज में अंग्रेजी, गणित, रसायन विज्ञान, विद्युत प्रवक्ता, विभागाध्यक्ष विद्युत, वरिष्ठ सहायक और प्रधान सहायक के पद रिक्त हैं।
वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पॉलीटेक्निक कॉलेज में मेकेनिकल ट्रेड संचालित करने की घोषणा की थी, जो कोरी साबित हुई। कॉलेज में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है। कॉलेज के लिए पक्का रास्ता भी नहीं बना है। प्रधान संगठन के ब्लॉक महासचिव मनोज सिरौला ने पालीटेक्निक में नए ट्रेड खोलने की मांग की है।
कॉलेज के लिए पेयजल योजना स्वीकृत हो गई है। सतगढ़ से योजना का निर्माण होना है। जल्द ही पेयजल की व्यवस्था हो जाएगी। कॉलेज में दो भवन और बनने हैं, उसकी प्रक्रिया चल रही है। रिक्त पदों और ट्रेड बढ़ाने के बाबत उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। -हरीश चंद्र, प्रधानाचार्य पालीटेक्निक कॉलेज कनालीछीना