पिथौरागढ़। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के गृहनगर में बहुप्रतीक्षित आंवलाघाट योजना से अभी पेयजल आपूर्ति शुरू भी नहीं हो पाई थी कि एक नवनिर्मित टैंक लीक हो गया है। टैंक से लगातार पानी रिस रहा है। इससे टैंक निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
76 करोड़ लागत वाली आंवलाघाट पेयजल योजना अंतिम चरण में है। इसके तहत बनाए गए पेयजल टैंकों का ट्रायल चल रहा है। सोमवार को ट्रायल के दौरान लोनिवि के पास बनाए गए 900 केएल क्षमता के एक टैंक में पानी भरा गया। इस दौरान टैंक में एक-दो जगह नहीं, बल्कि पूरी चहारदीवारी में कई जगह लीकेज मिली है। जल निगम के एक अवर अभियंता ने टैंक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टैंक निर्माण की घटिया गुणवत्ता सामने आई।
आंवलाघाट योजना के तहत यह टैंक हाल ही में बनाया गया है। टैंक लीक होने से पिथौरागढ़वासियों को आंवलाघाट पेयजल योजना से जल्द पानी मिलने की उम्मीद को भी झटका लगा है। इसी टैंक के जरिये ही आंवलाघाट पेयजल योजना का पानी मोस्टामानू होकर पिथौरागढ़ पहुंचना है।
जल निगम की मॉनीटरिंग कठघरे में
नवनिर्मित टैंक लीक करने से कार्यदायी संस्था जल निगम के कामकाज पर सवालिया निशान लगे हैं। ठेकेदार के निर्माण कार्य के साथ ही अभियंताओं की निगरानी भी कठघरे में आ गई है।
टैंक के ट्रायल के दौरान लीकेज सामने आया है। जेई को इसकी जांच सौंपी गई है। निरीक्षण की रिपोर्ट मिलने के बाद ही सही तस्वीर सामने आएगी। गुणवत्ता से समझौते पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- आरएस धर्मशक्तू, ईई, जल निगम