धारचूला (पिथौरागढ़)। कस्टम विभाग के अधिकारी और स्थानीय व्यापारियों के बीच पैदा हुए विवाद को देखते हुए बुधवार को कस्टम विभाग के उच्चाधिकारी यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि कभी-कभी गलतफहमी से भी विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में दोनों पक्षों को शालीनता का परिचय देकर मामले का हल निकालना चाहिए।
व्यापारियों ने उच्चाधिकारियों के सामने स्थानीय कस्टम अधिकारी के रवैये की जानकारी दी। कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद कस्टम अधिकारी ने व्यापारियों और ग्राहकों को परेशान करने के लिए कई तरीके निकाल लिए है। यहां तक कि नेपाल को ले जाई जाने वाली सब्जी और नमक पर भी टैक्स वसूली का दबाव बनाया जा रहा है।
कस्टम के अपर आयुक्त एआर नायर, कस्टम के लखनऊ अधीक्षक योगेश नाथ, बरेली के अधीक्षक मनीलाल ने एसडीएम आरके पांडे की मौजूदगी में व्यापारी नेताओं से बात की। अपर आयुक्त ने कस्टम अधिकारी के बचाव में कई तर्क दिए। कहा कि नेपाल सीमा पर ड्यूटी देने वाले अधिकारी को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि यहां के व्यापारी खुद अपने स्तर से जीएसटी का प्रचार करने में लगे हैं। अभी जब जीएसटी के कोई स्पष्ट निर्देश व्यापारियों को नहीं मिले हैं तो वह किस मानक के आधार पर इसका पालन करेंगे।
उन्होंने कस्टम अधिकारी डीएस शुक्ला को निशाने पर रखते हुए कहा कि नेपाल से आने वालों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कस्टम अधिकारी का तीन दिन के भीतर स्थानांतरण किया जाए। इस पर उच्चाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि स्थानांतरण की प्रक्रिया में कम से कम सात दिन का समय लग सकता है। व्यापारियों की मांग पर जरूर अमल होगा।
व्यापार संघ अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारी एक सप्ताह तक इंतजार करेंगे, यदि तब तक कस्टम अधिकारी का स्थानांतरण नहीं हुआ तो पूर्व घोषित आंदोलन फिर से शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान व्यापारी नेता प्रकाश गुंज्याल, नवीन खर्कवाल, हरीश गुंज्याल, अब्दुल कलाम, जगदेव डोगरा, भीम सिंह रावत, प्रकाश लाल वर्मा, नेत्र सिंह कुटियाल, लक्ष्मी परमार, मोहनी देवी आदि मौजूद थे।