पिथौरागढ़। नौ माह से पिथौरागढ़ में लकड़ी का टाल नहीं है। लकड़ी टाल वाली जगह पर पार्किंग का निर्माण हो रहा है। विभाग, प्रशासन टाल के लिए जमीन नहीं खोज पाए हैं। नतीजतन लोगों को महंगे दाम पर लकड़ी खरीदनी पड़ रही है।
पिथौरागढ़ के देवसिंह खेल मैदान के पास कभी वन विकास निगम का टाल हुआ करता था तो लोगों को 450 रुपये प्रति क्विंटल पर जलौनी लकड़ी नगर में ही उपलब्ध हो जाती थी। शवदाह के लिए भी 300 रुपये प्रति क्विंटल पर लकड़ी मिलती थी, लेकिन वर्तमान में टाल वाली जगह के साथ ही देवसिंह खेल मैदान से लगी जमीन पर बहुमंजिली पार्किंग का निर्माण हो रहा है। इसे देखते हुए वहां से अक्तूबर 2016 में लकड़ी का टाल हटा दिया गया। लकड़ी टाल के लिए जल्द जमीन तलाशने की बात कही गई थी। नगर के ऐंचोली में लकड़ी टाल बनाने की बात प्रचारित की गई थी, लेकिन अब तक लकड़ी टाल नहीं खोला गया।
अब लोगों को बाजार से 800 रुपये क्विंटल की दर पर लकड़ी लेनी पड़ रही है। जिला अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट, नगर के सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णानंद कापड़ी ने नौ महीने बाद भी लकड़ी टाल के लिए जमीन न तलाश पाने को वन निगम की नाकामी बताया। कहा कि दो माह बाद जाड़े का सीजन शुरू हो जाएगा। शीतकाल में लकड़ियों की आवश्यकता हर किसी को पड़ती है। टाल खुलवाने के लिए प्रशासन को पहल करनी चाहिए।
टाल के लिए जिला मुख्यालय में जमीन की तलाश की जा रही है। ऐंचोली के पास एक जगह जमीन देखी भी है। जमीन फाइनल होते ही टाल फिर से शुरू हो जाएगा। -आरके वशिष्ठ, प्रभारी प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक, पिथौरागढ़।