पिथौरागढ़। बारिश के कारण मलबा आने से जिले की 15 सड़कें बंद हैं। इनमें धारचूला-लिपुलेख सड़क भी शामिल है। चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क के कई स्थानों पर बंद होने से व्यास, दारमा और चौदास घाटियों के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क बंद होने के कारण ओम पर्वत और आदि कैलाश जाने वाले यात्रियों के लिए इनर लाइन परमिट भी जारी नहीं हो रहे हैं।
मलबा आने से छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटापंद्रपाला, मसूरीकांठा-होकरा, डीडीहाट-आदिचौरा हुनेरा, देवीसूना-खेतार कन्याल गराली, सानदेव-तुरगोली, मलकोट-लोद, बनकोट-बुरांजखोला, नाचनी-बांसबगड़ राया बजेता, पातालभुवनेश्वर-दौलाबलिया रावलखेत, कनालीछीना-ल्वांठी, रसैपाटा-मोड़ी, तवाघाट-ठानीधार, भागीचौरा-शक्तिपुर बगन्ना, पिथौरागढ़-तवाघाट-लिपुलेख सड़कें बंद हैं।
तवाघाट-लिपुलेख सड़क के बंद होने से तीनों घाटियों का संपर्क कटा हुआ है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोबाट में सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। रोंगती नाले में भारी मात्रा में मलबा आ रहा है। सड़क बंद होने से आदि कैलाश और ओम पर्वत जाने वाले यात्रियों को भी प्रशासन की ओर से परमिट जारी करने पर रोक लगाई गई है।
धारचूला व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने प्रशासन से मानसून काल में सड़क निर्माण का कार्य रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के कारण जगह-जगह पर मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। इसके चलते लोगों को यातायात सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है।