दिवाली की रात बिजली के सब स्टेशनों में लोड 12 से 15 फीसदी तक बढ़ गया, लेकिन सौभाग्य से जिले के किसी हिस्से में एक सेकेंड के लिए भी बिजली का व्यवधान नहीं हुआ।
जिला मुख्यालय और उससे सटे गांवों में धौलीगंगा पावर प्रोजेक्ट से आने वाली बिजली चंडाक स्थित पावर ग्रिड से सब स्टेशन के जरिए दी जाती है।
इस कारण अब जिला मुख्यालय को बिजली के लिए ग्रिड पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। धौलीगंगा परियोजना से निरंतर बिजली मिलती है।
केवल आंतरिक लाइनों में गड़बड़ी की स्थिति में ही व्यवधान आता है। इस बार विद्युत विभाग ने दिवाली से पहले बिजली की लाइनों की मरम्मत कर दी थी।
विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी वीके बिष्ट ने बताया कि नगर क्षेत्र में दिवाली की रात किसी भी इलाके में बिजली कटौती नहीं की गई। डीडीहाट, धारचूला, मुनस्यारी में भी बिजली की सप्लाई बराबर बनी रही।
चंपावत और पिथौरागढ़ जिले में सामान्य दिनों में रोजाना बिजली की खपत 45.6 मेगावाट की रहती है, लेकिन दिवाली की रात यह खपत बढ़कर 51 मेगावाट तक पहुंच गई।
विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी वीके बिष्ट ने बताया कि बृहस्पतिवार से खपत सामान्य स्तर पर आ गई है। सब स्टेशनों पर पड़ने वाले लोड के हिसाब से खपत का अंदाजा लगाया जाता है।