पिथौरागढ़। नगर के कूड़े का स्थायी समाधान करने के लिए बुद्धिजीवियों, जन प्रतिनिधियों से वार्ता की जाएगी। साथ ही कूड़ा घर बनाने के लिए नए स्थलों का भी चिह्नित किया जा रहा है। जनता सहयोग करे तो आगामी दिनों में कूड़े निस्तारण की कोई दिक्कत नहीं रहेगी। यह कहना है पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत का।
रावत ने बताया कि बीते दिन नैनीपातल, बीसाबजेड़, सातसिलिंग, सुखपोखरा आदि गांवों के ग्रामीणों से सकारात्मक वार्ता हुई है। उनकी समस्या भी जायज है। उन्होंने कहा कि कूड़ा नगर की प्रमुख समस्या बनते जा रहा है। इसका स्थायी समाधान किए बगैर कोई निदान नहीं है। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा के मॉडल को अपनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने व्यापारियों से पॉलिथीन और कांच का प्रयोग नहीं करने का अनुरोध किया है।
रावत ने बताया कि जल्द ही ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों से वार्ता कर कूड़ा निस्तारण का प्रभावी समाधान किया जाएगा। उन्होंने लोगों से कूड़े में राजनीति नहीं करने का अनुरोध किया है। रावत ने बताया कि मटेला में कूड़ा डालने के लिए जगह का चयन किया गया है। वहां के ग्रामीणों से वार्ता कर उनको भरोसे में लिया जाएगा। सोमवार को अधिकांश जगहों से कूड़ा उठा दिया गया है। इससे लोगों को खासी राहत मिली है। पिछले कई दिनों से कूड़ा नहीं उठने से दुर्गंध उठ रही थी। रावत का कहना है कि कूड़े के स्थायी समाधान के लिए सभी लोगों का सहयोग अपेक्षित है।