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सीमा पर ऑनलाइन व्यापार की प्रक्रिया शुरू

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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। आयात-निर्यात किए जाने वाले सामान की भारत-नेपाल सीमा पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। नेटवर्क कनेक्टिविटी और अन्य दिक्कतों के चलते सोमवार को कोई भी सामान न तो नेपाल भेजा जा सका और न ही वहां से इधर आ सका। बता दें कि अब भारत से नेपाल भेजे जाने वाले और नेपाल से भारत लाए जाने वाले हरेक सामान का सीमा पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा, लेकिन नेटवर्क की समस्या के चलते इसमें दिक्कतें आ रही हैं।
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भारत सरकार की ओर से समान का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तिथि बदलकर चार जून कर दी गई थी। इस कारण झूलाघाट से घरेलू सामान के अलावा कोई भी सामान नेपाल नहीं भेजा जा रहा है। झूलाघाट के थोक व्यापारी अजय ने कहा कि पहले जीएसटी और आईजीएसटी के कड़े नियमों से बाजार चौपट हुआ। व्यापारियों द्वारा इसमें रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अब ऑनलाइन प्रक्रिया से व्यापार पूरी तरह बर्बाद हो गया है।

सामान का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए कस्टम विभाग के पास कंप्यूटर ऑपरेटर तक नहीं हैं। साथ ही क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी भी हमेशा नहीं रहती है। बिजली कटौती भी अक्सर होती रहती है। ऐसे में व्यापार कैसे हो पाएगा। वहीं, कस्टम विभाग के अधीक्षक ओपी शर्मा ने कहा कि उन्होंने मुख्यालय से ऑपरेटर, वी-सैट और इनवर्टर की मांग की है।
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कई लोग प्रभावित होंगे
सीमा के दोनों ओर कई लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए छोटे-मोटे सामान का व्यापार करते हैं। सरकार के आदेश से इन लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही नेपाल के बस पार्क तक राशन, सब्जियां और कपड़े ढोने का काम नेपाली मजदूर करते है। इस प्रणाली से सीमा पर रहने वाले दर्जनों मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे।

व्यापार चौपट होने की आशंका
व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्रक्रिया से गुजरने के बाद सभी सामान पर दोनों देशों की सरकारें पूरा टैक्स लेने लगेंगी। इस कारण सामान दोगुनी कीमत में नेपाल पहुंचेगा। सामान महंगा होने से नेपाल के व्यापारी भारतीय बाजार में नहीं आएंगे। इससे नाकेबंदी के हालात बनेंगे। उनका कहना है कि इससे व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा।
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