पिथौरागढ़। मुनस्यारी के गिरगांव-बनिक मार्ग पर आईटीबीपी की बस दुर्घटना सड़क की कार्यदायी संस्था लोनिवि की लापरवाही के कारण हुई थी। लोनिवि ने संवेदनशील सड़क पर बने खतरे को नजरअंदाज किया और क्रश बैरियर नहीं लगाए। सड़क किनारे क्रश बैरियर होते तो दुर्घटना से बचा जा सकता था। डीएम ने लोनिवि को दुर्घटना की जिम्मेदार मानते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को आपदा समीक्षा बैठक के दौरान डीएम सी रविशंकर ने सड़क की कार्यदायी एजेंसी को दुर्घटना का जिम्मेदार माना। समीक्षा के बाद पता चला कि विभाग के पास सड़कों पर क्रश बैरियर लगाने के लिए बजट था। इसके बावजूद संवेदनशील स्थलों पर क्रश बैरियर नहीं लगाए गए। विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा आईटीबीपी की बस दुर्घटना के रूप में उठाना पड़ा।
बता दें कि बुधवार सुबह मुनस्यारी के गिरगांव-बनिक मार्ग पर बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी। इसमें आईटीबीपी के दो जवानों की मौत हो गई, जबकि दो जवान घायल हुए। दुर्घटनास्थल पर सड़क काफी संकरी है। डीएम का कहना है कि प्रथमदृष्ट्या सड़क की कार्यदायी एजेंसी दुर्घटना की जिम्मेदार है। थल-मुुनस्यारी मार्ग पर पर्याप्त बजट होने के बावजूद सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए। संबंधित अधिकारी पर उत्तरदायित्व तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।