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आपदा प्रबंधन विभाग ‘अलर्ट’ नहीं

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पिथौरागढ़। पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश से जमीन दरकने, घरों में पानी घुसने की सूचनाएं मिल रही हैैं लेकिन आपदा विभाग इससे अंजान है। यह बात यूं ही नहीं कही जा रही है, दरअसल जिला मुख्यालय के नजदीक कुजिगाड़ गांव में करीब 300 मीटर जमीन दरक गई है, लेकिन विभाग को इसका पता नहीं है।
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जिलाधिकारी सी रविशंकर ने भी माना है कि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आरएस राणा की लापरवाही की बात पहले भी सामने आ चुकी हैं। कई बार उन्हें चेतावनी दी जा चुकी है। चमाली के कुजिगाड़ में जमीन दरकने की सूचना आपदा प्रबंधन विभाग के पास नहीं थी, इसकी जानकारी हासिल कर रहे हैं। इसमें जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

शुक्रवार को पिथौरागढ़ तहसील के कुजिगाड़ (चमाली) में तेज बारिश से करीब 300 मीटर जमीन दरक गई। शनिवार को धारचूला तहसील के पांगला क्षेत्र के मेलाधार में काफी तेज बारिश से नाला उफान में आ गया। एसएसबी चेकपोस्ट के साथ ही कई घरों में पानी घुस गया, यह दोनों सूचनाएं आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को सार्वजनिक नहीं की। आपदा प्रबंधन विभाग के इन्फोमीडिया ग्रुप पर भी बारिश के आंकड़े ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों से मिली सूचना पर मीडिया ने जब जिला आपदा प्रबंधन अधिकार आरएस राणा से सवाल किए तो उन्होंने ऐसी किसी जानकारी से इनकार कर दिया। जब उन्हें बताया गया कि पांगला में भी एसएसएबी की चौकी और लोगों के घरों में पानी घुस गया है, तो उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह इस बारे में पता चला। वहीं आपदा प्रबंधन विभाग के कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि पांगला में पानी घुसने की सूचना शुक्रवार को ही मिल गई थी। अब सवाल उठता है कि कंट्रोल रूम की जानकारी तक आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी के पास न होना घोर लापरवाही दर्शाता है।

डीएम ने बताया कि पांगला में पानी घुसने की सूचना उन्हें शुक्रवार शाम मिल गई थी। एसएसबी और पुलिस को मौके पर भेजा गया। नाले का पानी बढ़ने से घरों में पानी घुसा था, किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने बताया कि मौसम पर वह बराबर नजर रख रहे हैं। सारे महकमों को पहले ही अलर्ट कर दिया गया है। फसलों की क्षति का भी आंकलन कराया जा रहा है।

मुआवजे और सुरक्षा की मांग
लोहाघाट/पिथौरागढ़। पहाड़ पर बारिश और ओलों की वजह से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है। लोहाघाट के पाटी विकासखंड के लधिया घाटी क्षेत्र के गीता देवी, पवन राम, प्रमोद सिंह, पान सिंह, कैलाश सिंह, गंगादत्त जोशी, तेज सिंह, प्रेम राम, भुवनेश्वरी देवी, सावित्री देवी आदि ने बताया कि भारी ओलावृष्टि से तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। पूर्व प्रधानाचार्य त्रिलोक राम आर्य सहित तमाम ग्रामीणों ने क्षेत्र का मौका मुआयना कर खेती से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। उधर ग्रामीणों की सूचना पर कुजिगाड़ गांव पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बोहरा के साथ गांव पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक ने मौके पर क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की। बताया कि तहसील प्रशासन को क्षति की रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जमीन के ट्रीटमेंट का ट्रीटमेंट प्लान तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। गांव के लोगों ने गांव की सुरक्षा के उपाय शीघ्र करने की मांग की है।
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