पिथौरागढ़। विकास खंड कनालीछीना की महिला पंचायत जनप्रतिनिधियों की अर्पण संस्था के सहयोग से दो दिनी कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान महिला जनप्रतिनिधियों को वन पंचायत, वन पंचायत एक्ट की जानकारी दी गई।
विकासखंड सभागार में हुई कार्यशाला में महिला जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वन पंचायतें ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का मुख्य साधन हैं, लेकिन सरकार द्वारा इसके संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। कहा कि धीरे-धीरे लोग भी वनों के प्रति उदासीन होते जा रहे हैं। अधिकतर वन पंचायतों में सरपंच का कार्यकाल दस वर्ष से अधिक हो गया है, लेकिन इसके चुनाव की तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता।
महिला जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वनों से महिलाओं का जुड़ाव अधिक रहता है, इसलिए वन पंचायतों के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही उनके निर्णय को सुना जाना चाहिए। सहायक विकास अधिकारी वन प्रकाश चंद्र पांडेय ने महिला जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में अर्पण संस्था की कार्यक्रम समन्वयक गंगा बसेड़ा, रेखा चौहान, नेहा पाल, सुरौड़ की ग्राम प्रधान द्रोपदी देवी, हरिप्रिया कापड़ी, नीमा कापड़ी, शारदा देवी, गीता देवी आदि मौजूद थीं।