धारचूला (पिथौरागढ़)। चुनाव बहिष्कार का एलान कर चुके रांथी और मेतली के ग्रामीणों को मनाने के लिए मंगलवार को अधिकारी गांव नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों को बातचीत के लिए आधे रास्ते में बुलाने से ग्रामीणों की नाराजगी और अधिक बढ़ गई। उधर, लोनिवि के अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद भी कनार के ग्रामीण नहीं माने।
रांथी के लिए सड़क का विस्तारीकरण नहीं होने से क्षेत्रवासियों ने लोक सभा चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। चार दिन पूर्व ग्रामीणों को मनाने जा रहे डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को चुनाव संबंधी बैठक के कारण आधे रास्ते से लौटना पड़ा था। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता ने वार्ता के लिए बैठक कराने को कहा। बैठक की तिथि पहले तय नहीं करने से ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया।
प्रधान रांथी लीला धामी और सामाजिक कार्यकर्ता केशर सिंह धामी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बैठक की सूचना दो-तीन दिन पहले देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग तोकों में रहने के कारण एक ही दिन में सूचना सभी तक नहीं पहुंचाई जा सकती है।
इधर, पीएमजीएसवाई के एई महेश्वर राम आर्या ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार रांथी गांव का दौरा किया गया। प्रधान ने सभी ग्रामीणों से विचार विमर्श के बाद तिथि तय करने की बात कही है। उधर कनार के गोगोई तोक मेें मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी दे रहे ग्रामीणों को भी लोनिवि के अधिकारी नहीं मना सके।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक जिलाधिकारी कनार के लिए सड़क निर्माण को लेकर स्वयं लिखित आश्वासन नहीं देते चुनाव बहिष्कार पर अडिग रहेंगे।