पिथौरागढ़। वन्यजीव की हत्या के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीन लोगों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई है। इन पर दस-दस हजार रुपयेे का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 7 दिसंबर 2017 को वन दरोगा नरेंद्र राम, वनरक्षक नंदा बल्लभ, छाया दरियाल, चालक हरीश कुमार ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम नागलिंग (धारचूला) में छापा मारा और हिमालयन थार के मांस के साथ कलम सिंह, गुमान सिंह, मगन सिंह निवासी नागलिंग को गिरफ्तार किया था।
इनके पास से दो अवैध बंदूकें भी बरामद की गई। इन लोगों ने हिमालयी क्षेत्र में थार को मारा था। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। मांस और बंदूक को जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा गया। जांच में मांस थार का होना पाया गया। बरामद बंदूकों के चालू हालत में होने और फायर करने की पुष्टि हुई।
वन क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार, वन दरोगा नरेंद्र राम, वन रक्षक नंदा बल्लभ जोशी, छाया दरियाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी डीडीहाट अनिल श्रीवास्तव गवाह के रूप में न्यायालय में पेश हुए। मामले के परीक्षण के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ सुधीर तोमर ने आरोपियों को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता पृथ्वीराज सिंह बनकोटी ने पैरवी की।