धारचूला (पिथौरागढ़)। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गया पहला जत्था पहले पड़ाव बूंदी पहुंच गया है। बूंदी पड़ाव यात्रा का सबसे लंबा पड़ाव है। यहां पहुंचने के लिए यात्रियों को 18 किमी की कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ी। दल रात करीब 8 बजे बूंदी पहुंचा। यात्री दल का कुमाऊं स्काउट्स में कमान अधिकारी कर्नल राघवेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में यात्रियों का स्वागत किया गया। कमान अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर यात्रियोें को रवाना किया।
बृहस्पतिवार सुबह 5 बजे यात्री बूंदी के लिए रवाना हुए। 35 किमी का सफर वाहनों से तय कर यात्री गर्बाधार पहुंचे। सुबह साढ़े सात बजे यात्री गर्बाधार से बूंदी के लिए पैदल रवाना हुए। सड़क कटिंग के कारण यात्रियों को नजंग से मालपा पहुंचने के लिए तीन किमी की दूरी बौलायर धार की कठिन चढ़ाई चढ़कर तय करनी पड़ी। मालपा से लामारी, क्वथलाधार की 7 किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर यात्री रात लगभग 8 बजे बूंदी पहुंचे। मालपा से बूंदी के बीच यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
18 किमी में से 10 किमी का सफर काफी कठिन रहा। इस बार सिर्खा, गाला और मालपा पड़ाव समाप्त होने से यात्रियों को एक ही दिन में बूंदी तक 18 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ी। धारचूला से रवाना होते समय यात्रियों में खासा जोश देखने को मिला। खासकर सबसे कम उम्र की यात्री महाराष्ट्री की रिद्धि कृष्णा (18) और राजस्थान की शिवानी भरवा (24) खासी उत्साहित थीं। जनसंपर्क अधिकारी प्रथम अमरनाथ अशोकन, जनसंपर्क अधिकारी द्वितीय देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में यात्रा पर गए पहले दल में 42 पुरुष, 17 महिला यात्री हैं।