अस्कोट (पिथौरागढ़)। गराली ग्राम पंचायत के गोठानी तोक में वर्ष 2013 में दैवी आपदा की चपेट में आकर ध्वस्त हुए पैदल रास्ते को अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। न ही इस मार्ग पर बने गधेरे में पुलिया का निर्माण हो पाया है। जिसके चलते ग्रामीणों को काफी दिक्कतों सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2013 में आई दैवी आपदा के दौरान हुए भूस्खलन से गराली ग्राम पंचायत के गोठानी तोक के कई पैदल रास्ते ध्वस्त हो गए थे। रास्तों की जगह गधेरा बन गया था। तब से क्षेत्र के लोग गधेरे में पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन गांव के लोगों की यह मांग पूरी नहीं की जा रही है। इस रास्ते का उपयोग गराली के साथ ही कूटा के लोग भी करते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात में यह गधेरा पानी से भर जाता है। इससे करीब 1200 की आबादी को बरसात में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश सिंह कन्याल कहते हैं कि वर्ष 2013 से लगातार मार्ग को ठीक कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लोनिवि, जिला पंचायत, जिला प्रशासन को लगातार पत्र दिए जा रहे हैं लेकिन पुलिया बनाने की मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
लोगों की परेशानी को देखते हुए कुछ समय पूर्व ग्राम प्रधान उर्मिला देवी, डिगर सिंह कन्याल, क्षेत्र पंचायत सदस्य देवकी देवी, रामी चंद, देव सिंह, गोविंद सिंह आदि ने जिलाधिकारी को पत्र देकर गधेरे में पुलिया बनाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस बरसात से पहले यदि पुलिया नहीं बनी तो दोनों गांवों के लोगों को एक बार फिर भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।