पिथौरागढ़। जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में हुई जिला जलागम समन्वय समिति की बैठक में परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य को समय पर पूर्ण करने करने के लिए जन सहभागिता से कराए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। ग्राम्या के उप परियोजना निदेशक सी त्रिपाठी ने ग्राम्या परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यों के बारे में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। बताया कि बेरीनाग, डीडीहाट, मुनस्यारी विकासखंडों के 63 ग्राम पंचायतों में कार्य किया जा रहा है। परियोजना के सहयोग से क्षेत्र में 2 फेडरेशनों उन्नती स्वायत्त सहकारिता किसान संघ और त्रिवेणी संगम स्वायत्त सहकारिता किसान संघ का गठन किया गया है।
फेडरेशनों के अध्यक्ष मदन मोहन उपाध्याय, त्रिभुवन जोशी ने उत्पादों के संग्रहण और विपणन की जानकारी दी। बताया कि कृषि उत्पादों के विक्रय के माध्यम से त्रिवेणी संगम स्वायत्त सहकारिता संघ ने मात्र चार माह में फेडरेशन के खाते में 2.45 लाख रुपये जमा किए जा चुके हैं। परियोजना द्वारा स्थापित मसाला प्रसंस्करण, विपणन केंद्र के संचालक चंचल मेहरा ने बताया कि मसाला उद्योग स्थापना से आस-पास के अधिक से अधिक कृषकों को जोड़ा जा रहा है। अल्मोड़ा, हल्द्वानी के बाजारों में भी मसाला बेचा जा रहा है। उरेडा के परियोजना अधिकारी एके शर्मा ने पीरूल से बिजली पैदा करने के बारे में बताया। महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कविता भगत ने विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी वंदना ने बताया कि परियोजना के तहत 82 दिव्यांग, 110 विधवा महिलाओं का चयन किया गया है, जो अपनी आजीविका चलाने में सक्षम नहीं थे। उनकी आवश्यकता और अभिरूचि को देखते हुए डेयरी, टैंट हाउस, बकरी पालन, आटा चक्की, मसाला चक्की, मुर्गी पालन, जनरल स्टोर, बढ़ई गिरी, सिलाई, प्लंबर, खच्चर पालन, दन कालीन उद्योग के लिए 43 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।