पिथौरागढ़। निकाय चुनाव में बागियों और पार्टी के आदेशों को न मानने वालों के लिए पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के हाथ अब अनुशासन का चाबुक लगा है। अजय महर और हेम पंत के निष्कासन को ये इसी हिसाब से अपने लिए बेहतर मान रहे हैं। इनका कहना है कि इन दोनोें बागियों को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा कर सख्त रुख का संकेत दिया है।
पिथौरागढ़ पालिका से अध्यक्ष पद के लिए अजय महर ने भी दावेदारी की थी। कांग्रेस ने निवर्तमान पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर अजय महर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर गए थे। बेड़ीनाग नगर पंचायत में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर हेम पंत भी बागी होकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। यहां से कांग्रेस से अध्यक्ष पद के लिए रविंद्र बोरा अधिकृत उम्मीदवार हैं। इन दोनों ही बागियों को कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने हाल ही में निष्कासित किया है।
इन दोनों के निष्कासन को अब पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने चुनाव के हिसाब से बेहतर मान रहे हैं। निकाय चुनाव में बगावत के सुर उभरने पर इन लोगाें की ओर से सख्त कदम उठाए जाने की भी मांग की गई थी। पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई फैसला न होने पर ये मायूस थे।
इनका मानना था कि सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई न होने पर पार्टी से विद्रोह करने वालों का हौसला और बढ़ेगा। ऐसे में दोनों नेताओं के निष्कासन से अब बाजी अधिकृत प्रत्याशियों के हाथ में वापस आते हुए दिख रही है। असंतुष्टों को अब पार्टी के सख्त रुख का डर भी दिखाया जा रहा है।