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कांग्रेस और भाजपा पर ही पड़ रही है अधिक चोट

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पिथौरागढ़। सोशल मीडिया पर हो रही चुनावी चर्चा को आधार बनाया जाए तो निकायों में मतदाता विकास कार्य के पैमाने पर ही उम्मीदवारों को परख रहे हैं। सोशल मीडिया में साफ सफाई से लेकर जरूरी नागरिक सुविधाओं की कमी की तस्वीरें पोस्ट की जा रहीं हैं और सुविधाओं को न जुटाने वाले दलों को आइना दिखाया जा रहा है। पिथौरागढ़ नगर पालिका में अभी तक कांग्रेस और भाजपा का ही राज रहा है, लिहाजा किसी भी कमी की बात करने पर चोट भी इन्हीं दो दलों को अधिक लग रही है।
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इस बार भाजपा ने पिथौरागढ़ पालिका अध्यक्ष पद पर पूर्व छात्र नेता और पूर्व में पालिकाध्यक्ष रहे राजेंद्र सिंह रावत पर दांव खेला है। कांग्रेस ने निवर्तमान पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती को उम्मीदवार बनाया है। इनके अलावा व्यापार संघ अध्यक्ष शमशेर सिंह महर, कोचिंग संस्थान चलाने वाले चंद्रशेखर सामंत, बसपा से किशन कार्की, सहदेव, अजय महर, स्कूल प्रबंधक मनोज जोशी भी अपना-अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

मतदाताओं की माने तो पिछले लंबे समय से नगर में विकास ठप है। अधिकतर शौचालय, रास्ते, स्ट्रीट लाइट, पार्क सब बदहाल हैं। ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण हर रोज जरूरी कार्यों से जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। शौचालयों की कमी के कारण महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भाटकोट में गरीब लोगों की सुविधा के लिए बारात घर बनाया जा रहा था लेकिन इसका काम आज तक पूरा नहीं हुआ है।
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चुनाव के परवान चढ़ने के साथ ही सोशल मीडिया पर सुविधाओं की कमी की तस्वीरें, कमेंट, लाइक, अनलाइक का फ्लो बढ़ गया है। कांग्रेस और भाजपा के लिए मुसीबत यह है कि बात चाहे किसी की भी हो रही हो, चोट इन्हीं दो दलों पर अधिक पड़ रही है।

सत्ता में रहने के कारण इन्हीं को जिम्मेदार अधिक माना जा रहा है। फेस बुक, ह्वट्सएस आदि पर विकास के झूठे दावे करने सहित तमाम तरह के कमेंट कर रहे हैं। निर्दल उम्मीदवारों ने भी अब चुनाव में ताकत झोंक दी है। वह अपने घोषणा पत्र के साथ मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं।
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