गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। गणाईगंगोली के जौंठा गांव में जंगल में बकरियों को चराने गई एक महिला के साथ घुरड़ का बच्चा घर तक पहुंच गया। उसे वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।
बुधवार को जौंठा गांव निवासी सीमा देवी पास के जंगल में बकरियों को चराने गई थी। करीब डेढ़ बजे वह घर लौटी तो माता-पिता से बिछड़ा घुरड़ का बच्चा बकरियों के साथ घर तक आ गया। मादा घुरड़ बीमारी की अवस्था में था। जिस समय घुरड़ का बच्चा बकरियों के साथ आया, उस समय जंगल में आग लगी थी। आशंका जताई जा रही है कि आग से बचने के प्रयास में यह घुरड़ों के झुंड से बिछड़ गया होगा।
घर पहुंचने के बाद सीमा देवी ने घुरड़ के बच्चे को पानी पिलाया, घास खिलाई। सीमा देवी के परिजनों ने वन रक्षक कमल महरा को इसकी सूचना दी। वन रक्षक ने रात 8 बजे घुरड़ के बच्चे को अपने कब्जे में लिया। बृहस्पतिवार को वन रेंजर मुकुल सनवाल के नेतृत्व में वन कर्मी इसे वन्यजीव संरक्षण केंद्र अल्मोड़ा ले गए। घुरड़ के बच्चे की उम्र करीब तीन माह आंकी गई है।