पिथौरागढ़। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) में समाज विज्ञान विद्या शाखा के निदेशक प्रो. गिरजा पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 2016 की नियमावली में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर व्यक्तिगत परीक्षा का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। अब परीक्षा सिर्फ संस्थागत और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से ही ग्रहण की जा सकेगी। जो विद्यार्थी दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से अध्ययन करना चाहते हैं, उनको उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में शीघ्र पंजीकरण कराना होगा।
मंगलवार को एलएसएम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय कार्यालय में पहुंचे प्रो. पांडे ने कहा कि व्यक्तिगत परीक्षा के लिए नामांकन और पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें दी जाएंगी और अध्ययन केंद्रों में परामर्श सत्र का आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूओयू जल्द ही ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी करने जा रहा है। कई विषय विशेषज्ञ ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करेंगे।
प्रो. पांडे ने कहा कि यूओयू में शीतकालीन सत्र के दौरान कौशल विकास पर नए पाठ्यक्रम शुरू होंगे। इससे युवाओं को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से रोजगार के अवसर प्राप्त होने लगेंगे। उन्होंने कहा कि यूओयू में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
यूओयू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बिपिन चंद्र जोशी ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र के जो लोग उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, उनके लिए यूओयू सबसे बेहतर माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा लेने से वंचित लोगों को निराश होने की जरूरत नहीं है। इस मौके पर डॉ. हर्षिता जोशी, त्रिलोचन पाटनी, हरीश देवलाल, पंकज जोशी, राहुल नेगी, पूजा सैनी आदि उपस्थित थे।