डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट पालिका स्वच्छता के मामले में मिसाल बनने जा रही है। गठन के साथ ही डीडीहाट पालिका ने सबसे पहला बीड़ा नगर की सफाई का उठाया और आज इसके परिणाम सामने आ रहे हैं। इन दस महीनों में नगर में सफाई के लिए जागरूकता बढ़ी है और गंदगी से परेशान लोगों को राहत भी मिली है। अब यहां रोज सुबह चार बजे से आठ बजे तक पहले चरण में और अपरान्ह दो बजे से छह बजे तक दूसरे चरण में सफाई की जाती है।
नगर पंचायत डीडीहाट का तीन जनवरी 2017 को नगरपालिका के रूप में उच्चीकरण हुआ। पालिका का गठन होने पर यहां के लोगों में बहुत ज्यादा खुशी थी, नगरपालिका के युवा अध्यक्ष कवींद्र शाही ने लोगों की इस अपेक्षा का पूरा करने के लिए सबसे पहला बीड़ा नगर की सफाई का उठाया। नगर की सुबह और अपरान्ह में सफाई की जाती है। साथ ही हर दुकान के आगे कूड़ेदान रखा गया है। इस कूड़े को नगरपालिका के सफाई कर्मचारी सुबह और शाम उठाकर पिकप वाहन में भरते हैं फिर बड़े ट्रक में लादकर यह कूड़ा नगर से 15 किलोमीटर दूर बनाए गए डंपिंग स्थान पर डाला जाता है। डंपिंग वाले स्थान पर भी यह सावधानी बरती गई है कि कूड़ा इधर-उधर न फैले।
नगर से कूड़ा उठाने वाले वाहन में स्वच्छ भारत अभियान का संदेश देने वाले गीत भी बजाए जाते हैं। पालिकाध्यक्ष दावे के साथ कहते हैं कि डीडीहाट कुमाऊं के सभी नगरों में सबसे साफ नगर है और इस व्यवस्था को निरंतर बनाए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर की जनता के सहयोग से ही वह डीडीहाट को साफ नगर बनाने में कामयाब हुए हैं।
स्वच्छ भारत अभियान की झलक मिलने लगी
डीडीहाट नगर निवासी दीपेश जंगपांगी का कहना है कि यह नगर असल मायने में स्वच्छ भारत अभियान की अवधारणा को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि पालिका की पहल का संदेश आम जनता के बीच भी जा रहा है। लोग सफाई के प्रति सजग हैं।
इस बार नगर की नालियां बंद नहीं हुई
समाजसेवी प्रकाश बोरा का कहना है कि नालियों में कचरा न जाने से इस बार मानसून सीजन में नालियां बंद नहीं हुई। सड़कों के साथ-साथ नालियों की भी लगातार सफाई होने से लोगों में भी जागरूकता आई है। लोग नाली में कूड़ा नहीं डालते।
नई व्यवस्था से काम करने में आसानी
नगरपालिका के सफाई कर्मचारी मिलन और समरपाल का कहना है कि पालिका की ओर से लागू की गई नई व्यवस्था से काम करने में आसानी हो रही है। अब बिखरा हुआ कूड़ा नहीं मिलता। दो-दो बार कूड़ा उठाने से ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। वह कहते हैं कि यह व्यवस्था बेहतरीन है। इसका सभी को फायदा है।