मदकोट (पिथौरागढ़)। मदकोट के डोलमा बैंड से गैला, पत्थरकोट होते हुए तोमिक के लिए ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ के तहत प्रस्तावित सड़क निर्माण में इतनी लापरवाही बरती गई कि सड़क बनाते समय निकले मलबे से पैदल रास्ता ही तबाह हो गया है। सड़क का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण सेवा कर रही है। कुल दो किलोमीटर लंबी इस सड़क पर अब तक मात्र एक किलोमीटर की कटिंग हो पाई है।
पिछले करीब चार महीने से सड़क निर्माण का काम बंद है। लोगों को न तो सड़क सुविधा का लाभ मिल पाया है और न पैदल रास्ता ही सुरक्षित बचा है। गांव के लोगों का कहना है कि यदि दुर्भाग्य से गांव में किसी का स्वास्थ्य खराब होता है तो इतने विकट रास्ते से कैसे अस्पताल ले जाएंगे।
सड़क निर्माण के कारण पैदल रास्ता टूटने का मामला पिछले दिनों यहां के युवा सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम दानू ने जिलाधिकारी सी रविशंकर के सामने भी उठाया था। डीएम ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विक्रम दानू ने बताया कि सड़क के मलबे से कई पेड़ भी टूटकर गिर गए हैं। सड़क का निर्माण कर रही ग्रामीण अभियंत्रण सेवा ने इस समय अपने मजदूर हटा रखे हैं।
सड़क निर्माण की देखरेख कर रहे अवर अभियंता अजय कुमार भी मौके पर नहीं दिखते। उनसे संपर्क का प्रयास किया तो फोन बंद मिला। सड़क न बनने और रास्ता टूटने से परेशान क्षेत्र के लोग अब आंदोलन की तैयारी में हैं।