थल-मुनस्यारी मार्ग पर हरड़िया के पास मलबा आने से 12 घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। शनिवार रात 9 बजे से बंद हुई सड़क रविवार को सुबह 9 बजे खुल पाई।
शनिवार रात हुई भारी बारिश के कारण थल मुनस्यारी मार्ग पर हरड़िया नाले के पास मलबा आने से मुनस्यारी, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, थल, डीडीहाट जाने वाले वाहन फंसे रहे। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। सड़क बंद होने से पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। हरड़िया में बरसात के मौसम में कई वर्षों से यातायात बाधित हो रहा है। हरड़िया नाले में हल्की बारिश में भी मलबा आ जाता है। हरड़िया नाले की समस्या से निजात पाने के लिए पिछले वर्ष वैली ब्रिज लगाया गया था। उससे यातायात संचालन में मदद मिल रही थी। छह महीने पहले लोनिवि वैलीब्रिज को ऊंचा उठाने का काम शुरू किया।
15 दिन के भीतर पुल में आवागमन शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन छह महीने बाद भी पुल से आवागमन शुरू नहीं हुआ है।
वैलीब्रिज चालू हो जाता तो नाले में वाहन फंसने की समस्या दूर हो जाती। वैलीब्रिज के काम में देरी को लेकर लोगों में लोनिवि के खिलाफ रोष है। लोगों ने वैलीब्रिज में सुधार कर वाहन संचालन शुरू करने की मांग की है।
सड़क का मलबा गांव में घुसने से भड़के लोग, प्रदर्शन
थल (पिथौरागढ़)। थल-लेजम मार्ग से लगे गोलगांव के लोगों के लिए बरसात शुरू होते ही मुसीबत खड़ी होने लगी है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान निकला मलबा गोलगांव में लोगों के छतों और घरों में घुस रहा है। रविवार को प्रभावितों ने लोनिवि के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सामाजिक कार्यकर्ता नेत्र सिंह पांगती के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि थल-लेजम सड़क चौड़ीकरण के दौरान निकला मलबा बारिश शुरू होते ही गांव तक पहुंच रहा है। बरसात के पानी के साथ कई लोगों के घरों और छतों में मलबा आ गया है। गांव में खेत मलबे से पट चुके हैं। कहा कि सड़क के नीचे आबादी वाला क्षेत्र है, भारी बारिश में गांव के लिए खतरा बना हुआ है। उन्होंने लोनिवि डीडीहाट से सड़क में नाली निर्माण करने और सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में केजी पंत, रमेश पंत, वंदना पंत, नवीन चंद्र उपाध्याय, मोहन चंद्र उपाध्याय, कृष्ण सिंह कुंवर, दीवार सिंह कुंवर, प्रेम सिंह, हेम चंद्र पंत, ललित मोहन उपाध्याय आदि शामिल थे।