सातशिलिंग-थल मार्ग पर बीसाबजेड़ से थोड़ा आगे भारी मलबा गिरने से सोमवार को यातायात बंद हो गया। दोनों तरफ से कई वाहन बीसाबजेड़ में फंस गए। थल, बेड़ीनाग, क्वीटी, नाचनी, मुनस्यारी की तरफ से जिला मुख्यालय को आ रहे वाहनों को देवलथल-कनालीछीना मार्ग से होकर निकलना पड़ा।
इसमें उनको 30 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ा। जिला मुख्यालय से थल की तरफ जाने वाले वाहन भी बीसाबजेड़ में पहुंचने के बाद कनालीछीना-देवलथल मार्ग की तरफ लौट गए। सातशिलिंग-थल रोड पर एडीबी की मदद से चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। करीब 50 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद इस रोड की हालत सुधरने के बजाए ज्यादा खराब हो गई है। बरसात में अब तक यह रोड दस बार बंद हो गई है। रोड कटिंग के दौरान निकल रहे मलबे से कई गांव खतरे की जद में आ गए हैं। रविवार रात करीब 12 बजे से बंद इस रोड पर पूरे दिन यातायात शुरू नहीं हो पाया।
उधर, मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग भी सोमवार को पूरे 12 घंटे तक बंद रहा। घिंघरानी और भदेली के पास भारी मलबा गिरने से वाहनों की आवाजाही दोपहर 12 बजे तक बंद रही। इस सड़क की देखरेख बीआरओ करता है। बीआरओ ने भी इस सड़क के चौड़ीकरण का काम शुरू किया है। चौड़ीकरण के समय मानकों का ध्यान न रखने से गंभीर समस्या खड़ी हो रही है। पिथौरागढ़-तवाघाट रोड पर आज आमतौर पर यातायात सामान्य रहा। जिन स्थानों पर पिछले दिनों मलबा गिरा था, उसे हटाने का काम शुरू किया गया है।
कैलास मानसरोवर मार्ग बंद
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद है। तवाघाट से नारायणआश्रम जाने वाली सड़क बंद होने से सोमवार को 13वें दल के सदस्यों को मांगती होते हुए सिर्खा भेजा गया। तवाघाट से मांगती तक सड़क ठीक है। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने बताया कि नारायणआश्रम रोड पर वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है। इसलिए पिछले तीन दलों को तवाघाट से मांगती के रास्ते भेजा गया। सिर्खा से गाला और बूंदी के बीच अब बरसाती नाले उफान पर हैं। इन नालों में यात्रियों को पार कराने के लिए एसडीआरएफ, आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए हैं।
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डीडीहाट में हो गई 60 एमएम बारिश
डीडीहाट। डीडीहाट में रविवार की रात मूसलाधार बारिश हुई। डीडीहाट में 60.7 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। मुनस्यारी में 29 और धारचूला में 46.6 एमएम बारिश हुई। जिला मुख्यालय में पिछले 24 घंटे में मात्र 2 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में बारिश का क्रम जारी रहने का संकेत दिया है।
नदियों का जल स्तर भी बढ़ा
पिथौरागढ़। जिले में सभी नदियां उफान पर हैं। महाकाली का जलस्तर सोमवार को 888.9 मीटर नापा गया। महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर लगा है। गोरी का जलस्तर सोमवार को 605.2 मीटर रहा। गोरी में खतरे का निशान 607.8 मीटर पर है। सरयू का जलस्तर 447.2 मीटर रहा। सरयू में खतरे का निशान 453 मीटर पर है। अन्य छोटी नदियां और नालों का प्रवाह भी बढ़ा हुआ है।