सिंगाली में मकान का निर्माण कर रहा बस्तड़ी का आपदा पीड़ित परिवार
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30 जून की रात आपदा से तबाह हुए बस्तड़ी गांव के 12 परिवारों को प्रशासन ने बुधवार को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की राशि उपलब्ध करा दी है। शासन ने मकान बनाने के लिए प्रति परिवार तीन लाख रुपए की राशि मंजूर की है, जिन 12 परिवारों ने नए मकान बनाने का काम शुरू किया है, उनको यह धनराशि दी गई। डेढ़ लाख रुपए की शेष राशि मकान का काम पूरा होने पर दी जाएगी। शासन ने मकान बनाने के लिए धनराशि स्वीकृत करने के बाद तहसील प्रशासन को निर्देश दिए थे कि मकान बनाने के इच्छुक परिवारों की सूची तैयार करें। कुल 23 परिवारों ने मकान बनाने के लिए तैयारी की थी, लेकिन अब तक सिर्फ 12 परिवार ही मकान का निर्माण शुरू कर पाए हैं।
बस्तड़ी की आपदा के दिन ही गांव के सभी परिवार अपने ध्वस्त मकानों को छोड़कर सिंगाली कस्बे में आ गए थे। बस्तड़ी के लोगों की सिंगाली में नाप जमीन है। इसी नाप जमीन पर लोग मकान बनाने की तैयारी कर रहे हैं। तहसीलदार अर्जुन राम टम्टा ने बताया कि भूगर्भ विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बस्तड़ी गांव को रहने लायक नहीं बताया है। ऐसे में बस्तड़ी में नया मकान बनाना संभव नहीं है। सिंगाली में सुरक्षित जगह है और कई परिवारों की नाप जमीन सिंगाली में है।
उन्होंने कहा कि गांव के 11 परिवार भी फौरन मकान का निर्माण शुरू करेंगे तो उनको भी स्वीकृत राशि की पहली किश्त जारी कर दी जाएगी। राजस्व उपनिरीक्षक गिरजा शंकर जोशी ने बुधवार को गांव जाकर 12 परिवारों को धनराशि उपलब्ध कराई। बताया गया है कि गांव के लोग मकान बनाने के लिए पुराने ध्वस्त मकानों की सामग्री का भी उपयोग कर रहे हैं। जिन परिवारों ने अभी मकान का निर्माण शुरू नहीं किया है वह भी अब तैयारी में जुट गए हैं।