कनालीछीना (पिथौरागढ़)। प्रदेश में उच्च शिक्षा के भी अजब-गजब हाल हैं। उत्तराखंड बनने के बाद राजनीतिक लाभ लेने के लिए जगह-जगह पर डिग्री कालेज तो खोल दिए लेकिन इनमें सुविधाएं न होने से छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कनालीछीना में तो मामला उल्टा ही है यहां बगैर कक्षाएं स्वीकृत हुए ही कालेज के लिए टिन शेड तैयार कर दिया। वर्तमान में यह टिन शेड जानवरों का अड्डा बना हुआ है।
वर्ष 2011-12 में तत्कालीन सरकार ने कनालीछीना में डिग्री कालेज के भवन के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए। बाद में कुमाऊं विश्वविद्यालय की टीम ने यहां पहुंच कर कालेज के लिए सिमार (चौकोड़ी) जमीन चयनित की। उसके बाद भवन के लिए विकास खंड कार्यालय से कक्षाएं संचालित करने को टिन शेड निर्माण के लिए टेंडर लगाए गए। खंड विकास अधिकारी गंगा सिंह बिष्ट ने बताया कि 10 लाख रुपये में छह कमरे बना दिए गए हैं। अभी कुछ कार्य अधूरा पड़ा है। ठेकेदार को 840970 रुपये का भुगतान कर दिया है।
उन्होंने बताया कि कार्य अपूर्ण होने के चलते ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। इधर क्षेत्र के छात्र-छात्राएं लंबे समय से कक्षाएं स्वीकृत करने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें उच्च शिक्षा के लिए पिथौरागढ़ या नारायणनगर जाना पड़ रहा है। इस संबंध में विधायक विशन सिंह चुफाल का कहना है कि मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से जानकारी ली जाएगी।