पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीसरे और सातवें दल के यात्रियों को हेलीकॉप्टरों के उड़ान का इंतजार है। छियालेख और गर्ब्यांग के आसमान में छाए घने कोहरे ने यात्रियों की कैलाश की राह रोकी है। दोनों दलों के 115 यात्री भगवान भोलेनाथ से मौसम खोलने की प्रार्थना कर रहे हैं।
पिछले पांच दिनों से उच्च हिमालयी क्षेत्र में खराब मौसम के चलते सातवें दल के यात्री अभी पर्यटक आवास गृह में ही रुके हैं। पांच दिन पहले तीसरे दल के यात्री कैलाश की परिक्रमा पूरी कर गुंजी पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें भी मौसम खुलने का इंतजार है। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार चौथे दल के यात्री परिक्रमा पूरी कर मंगलवार शाम छह बजे गुंजी पहुंच गए हैं।
पांचवें दल के यात्री बुधवार को दार्चिन से डेरापुक पहुंच गए हैं। यात्रियों ने यमद्वार से कैलाश की परिक्रमा शुरू कर दी है। यात्रा का छठा दल बृहस्पतिवार तड़के तकलाकोट से दार्चिन रवाना होगा। इस बार खराब मौसम के चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नजंग, लखनपुर में रास्ते ध्वस्त होने के चलते दूसरे दल के यात्रियों को हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई गई। खराब मौसम के चलते पांचवें दल के यात्रियों को भी चार दिन पिथौरागढ़ में रुकना पड़ा।
बूंदी से धारचूला लाए गए 19 यात्री
पिथौरागढ़। बुधवार अपरान्ह बाद मौसम अनुकूल होने पर धारचूला से हवाई सेवा शुरू की गई। चार फेरों में 19 यात्रियों को बूंदी से धारचूला लाया गया। इसके अलावा 12 यात्री धारचूला से बूंदी गए। साथ ही 3.5 क्विंटल खाद्यान्न बूंदी और एक पेटी दवा गुंजी भेजी गई।