पिथौरागढ़। करीब 74 करोड़ की लागत से बनी आंवलाघाट पेयजल योजना शुरुआती चरण में ही फेल हो गई है। योजना से आधे से भी कम पानी मिल रहा है और जो पापी मिल रहा है वह अनियमित दूषित है। बुधवार को भी शहर के तमाम इलाकों में सुबह की पाली में लोगों को पानी नहीं मिला।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 14 अप्रैल को आंवलाघाट पेयजल योजना को जनता को समर्पित किया था। तब पेयजल निगम के अधिकारियों ने 12 एमएलडी की इस योजना में शुरुआत में छह एमएलडी पानी मिलने का दावा किया था, लेकिन आज तक इस योजना से डेढ़ से दो एमएलडी से अधिक पानी नहीं मिला। जो पानी मिल रहा है वह भी अनियमित होने के साथ ही दूषित है। आंवलाघाट में पानी को छानने के लिए भूमिगत इनफिल्ट्रेशन वैल बनने के बाद भी गंदा पानी आने से तमाम सवाल उठ रहे हैं। लोग सीधे नदी से पानी की सप्लाई होने का संदेह जता रहे हैं।
महिलाओं ने खाली बर्तनों के साथ किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के धर्मशाला लाइन में चार दिन से पानी न आने के विरोध में इलाके की महिलाओं और लोगों ने बुधवार को खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान 85 वर्षीय पार्वती आमा ने कहा कि लोगों को पर्याप्त पानी कब मिलेगा पता नहीं। पानी की आस में उनकी पूरी जवानी चली गई।
सुशील खत्री के नेतृत्व में एकत्र लोगों ने कहा कि चार दिन से नलों में एक बूंद पानी नहीं टपका है। आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि पानी न आने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। पीने के लिए बाजार से पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। कहा कि आंवलाघाट योजना को लेकर सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए लेकिन दो ही महीने में योजना का दम निकल गया। कहा समस्या का समाधान नहीं होने पर जल संस्थान कार्यालय में धरना दिया जाएगा। वहां शकुंतला खत्री, मंजू त्रिपाठी, पार्वती पंत, जानकी बिष्ट, नरेंद्र खत्री, श्याम खत्री, पुष्पा, हरीश, नवीन, योगेश, विपिन पंत, प्रदीप, कौशल्या देवी आदि थीं।
कांग्रेस ने किया जल संस्थान कार्यालय का घेराव
पिथौरागढ़। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत के नेतृत्व में बुधवार को कांग्रेसियों ने जल संस्थान कार्यालय का घेराव कर पेयजल किल्लत के विरोेध में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि घाट, आंवलाघाट, ठूलीगाड़ योजना होने के बाद भी पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के विधानसभा क्षेत्र में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और मंत्री को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। शहर में पानी की कमी और दूषित पानी की सप्लाई के लिए सीधे-सीधे पेयजल मंत्री जिम्मेदार हैं।
युवा नेता राजेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य दीपक लुंठी और जिला मंत्री कुंडल महर ने पानी की किल्लत के लिए जल संस्थान के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। कुमौड़ वार्ड की महिलाओं ने कहा कि उन लोगों को 6 दिन से पानी नहीं मिला है। वहां लीलांबर जोशी, हरीश शर्मा, निखिल जोशी, मो. आसिफ, मनोज धामी, शंकर खड़ायत, संतोष गोस्वामी, रघु सौन, गजेंद्र वल्दिया, कुंडल महर, हीरा सिंह बिष्ट, दीपक लोहिया आदि थे। ब्यूरो