धारचूला (पिथौरागढ़)। माइग्रेशन पर गए एक बुजुर्ग की समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई। बुजुर्ग पिछले कुछ समय से बीमार थे। करीब 30 किमी लंबे और ढलान वाले रास्तों को पार कर बुजुर्ग को संयुक्त चिकित्सालय धारचूला में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुजुर्ग कुछ दिनों पहले ही धारचूला से माइग्रेशन पर उच्च हिमालयी क्षेत्र बूंदी गांव गए थे।
पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह बुदियाल (52) कुछ दिन पहले धारचूला से माइग्रेशन पर अपने गांव बूंदी गए थे। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। बृहस्पतिवार की रात ईश्वर सिंह की तबियत अचानक बिगड़ गई। साथी उन्हें बेहद दुर्गम रास्तों को पार कर धारचूला अस्पताल लेकर आए, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बता दें कि बूंदी से धारचूला तक पहुंचने के लिए कई बार ढलान और चढ़ाई को पार करना पड़ता है। बूंदी के पास क्वथलाधार पर भी कमोबेश यही हाल हैं। यही वजह रही कि बीमार ईश्वर सिंह को शुक्रवार की देर शाम धारचूला अस्पताल पहुंचाया जा सका। डॉ.एमएस जायसवाल की कई कोशिशों के बाद भी ईश्वर सिंह को बचाया नहीं जा सका।
बीते वर्ष तक उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इस बार जनता की मांग के बावजूद उन्हें यह सेवा नहीं दी जा रही है। विधायक प्रतिनिधि नृप सिंह गर्ब्याल ने राज्य सरकार पर क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है।