धारचूला (पिथौरागढ़)। धारचूला के आपदा प्रभावित गांवों को विस्थापित करने के साथ ही तमाम मांगों को लेकर लोगों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। यह लोग 15 से 20 किमी दूर बुंगबुंग और जिप्ति गांव से धारचूला पहुंचे हुए थे।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय पहुंचे लोगों ने कार्यालय परिसर में मांगों को लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उपजिलाधिकारी वरुण अग्रवाल से मुलाकात कर बरसात से पहले आपदा प्रभावित गांवों की समस्याओं को दूर करने की मांग की। पूर्व प्रमुख कुंवर ने कहा कि क्षेत्र में 13 गांव विस्थापन के लिए चिह्नित हैं। इन गांवों को लोगों को तत्काल अन्यत्र बसाया जाना चाहिए। बुंगबुंग की प्रधान गीता देवी ने कहा कि उनके गांव में हर साल आपदा से नुकसान होता है। आने वाली बरसात को देखते हुए गांव के लोग डरे-सहमे हैं। उन्होंने मांग की कि गांव में पैदल मार्ग, सुरक्षा दीवार और पैदल पुल का निर्माण शीध्र शुरू किया जाय।
छलमाछिलासो के प्रधान सिंदल प्रसाद ने कहा कि उनका गांव आपदा ग्रस्त है। गांव को विस्थापित करने में देरी नहीं करनी चाहिए। गलाती के सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह ने कहा पिछली आपदा में गलाती और रमतोली में 11 पैदल पुल बह में गए थे और कई सीसी मार्ग क्षतिग्रस्त हुए थे। अब तक रास्तों, पुलों का पुनर्निर्माण नहीं हुआ है। प्रसव पीड़ित महिलाओं, बीमार लोगों और बुजुर्गों को डोली में बिठाकर 5 से 10 किलोमीटर पैदल चलकर धारचूला लाना पड़ता है। इन लोगों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधकारी को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन में कमला देवी, मीरा देवी, भागीरथी देवी, परुली देवी, प्रधान जिप्ति देवी दत्त उपाध्याय, पूर्व प्रधान राजेंद्र नबियाल, डिगर सिंह, शंकर भारती आदि शामिल थे।