डीडीहाट/चंपावत/बैतड़ी/पिथौरागढ़। धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र के कुटी गांव में रविवार 2.50 पर बादल फटने से तबाही मची। नाले के उफान में आने से कुटी और ज्योलिंगकांग को जोड़ने वाला पुल बह गया। इससे आदि कैलाश यात्रा का रूट भी बंद हो गया। एक निर्माणाधीन विद्युत परियोजना को भी क्षति पहुंची है। पुल बहने से लगभग 12 चरवाहे जंगल में फंस गए हैं।
आईटीबीपी की चौकियां और हेलीपैड सुरक्षित हैं लेकिन इनकी आदि कैलाश चौकी संपर्क से कट गई है। फंसे हुए लोगों के बचाव का काम आईटीबीपी कर रही है। प्रशासन ने भी राजस्व टीम गांव के लिए रवाना कर दी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम की चेतावनी के बाद प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर दिया है। बता दें की कुटी गांव छोटा कैलाश यात्रियों का होम स्टे भी है।
आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निंबाडिया ने बताया कि क्षेत्र में शनिवार देर रात से ही बारिश शुरू हो गई थी। यह बारिश लगातार होती रही और रविवार को यहां बादल फट गया। उन्होंने बताया कि उनकी सभी चौकियां और हेलीपैड सुरक्षित हैं। जंगल में फंसे ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं। आवागमन सुचारु न होने तक ग्रामीणों के लिए भोजन एवं अन्य प्रबंध आईटीबीपी की ओर से किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि अग्रिम चौकियों के जवानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। रविवार देर शाम तक बारिश कुछ कम होने से नदी नालों में पानी का प्रवाह भी कम हो गया है। इससे आईटीबीपी को मूवमेंट में आसानी होगी। प्रभारी जिलाधिकारी वंदना ने बताया कि आईटीबीपी से सूचना मिलने के बाद राजस्व टीम को गांव के लिए रवाना कर दिया गया है। उप जिलाधिकारी धारचूला को सोमवार सुबह गांव जाने को कहा गया है।