पिथौरागढ़। स्वर साम्राज्ञी कबूतरी देवी को स्वरांजलि नृत्य वाटिका में श्रद्धांजलि दी गई। लोक कलाकारों ने स्वर कोकिला को याद किया। लोक कलाकारों ने कबूतरी देवी की याद में 18 जुलाई को संगीत संध्या का आयोजन करने का निर्णय लिया है। राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने स्वर कोकिला के निधन पर गहरा दुख जताया है।
स्वरांजलि नृत्य वाटिका की निदेशक उमा पांडे की अध्यक्षता में शोक सभा हुई। पांडे ने कहा कि स्वर कोकिला के यूं ही चले जाने से उत्तराखंड के लोक संगीत को गहरी क्षति पहुंची है। शोकसभा में संगीत शिक्षक संदीप पांडे, प्रतिभा दरियाल, रेखा पांडे, दिव्या जोशी आदि मौजूद थे। उधर, राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा ने कहा कि वह जल्द ही स्वर्गीय कबूतरी देवी के घर जाकर परिजनों से मुलाकात करेंगे।
नवोदय पर्वतीय कला केंद्र के निदेशक हेमराज बिष्ट, राजेंद्र भट्ट, जनार्दन उप्रेती, प्रकाश रावत, नारायण सोराड़ी, भीम राम कोहली ने कहा कि कबूतरी देवी की कमी पूरी नहीं हो सकती। ऑल इंडिया सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष प्रेम सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में हुई शोकसभा में कबूतरी देवी को श्रद्धांजलि दी गई। महामंत्री दयानंद भट्ट, बीडी नियोलिया, बीबी भट्ट आदि मौजूद थे।
क्वीतड़ में बनेगा कबूतरी देवी का स्मारक
क्वीतड़ गांव में लोक गायिका कबूतरी देवी का स्मारक बनाया जाएगा। क्वीतड़ के प्रधान श्याम सुंदर सिंह सौन ने बताया कि गांव के केंद्र में लोग गायिका का भव्य स्मारक बनाया जाएगा। स्मारक में मूर्ति भी लगाई जाएगी। स्मारक का खर्च ग्राम पंचायत वहन करेगी। जल्द ही ग्राम पंचायत की खुली बैठक में स्मारक का प्रस्ताव पास किया जाएगा।