पिथौरागढ़। हंस फाउंडेशन ने जिला अस्पताल में नवनिर्मित आईसीयू प्रशासन को हैंडओवर कर दिया है। इसके साथ ही लंबे इंतजार के बाद आईसीयू की सेवा शुरू हो गई है। अस्पताल ने मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना शुरू कर दिया है।
सीमांत की जरूरतों को देखते हुए हंस फाउंडेशन की मदद से यहां आईसीयू का निर्माण किया गया है। 14 अप्रैल को सीएम ने जिला अस्पताल में नवनिर्मित आईसीयू का उद्घाटन किया था। हालांकि तब जरूरी स्टाफ की कमी और अस्पताल स्टाफ के प्रशिक्षित न होने से सेवा शुरू नहीं हो पाई। इसके बाद फाउंडेशन की तकनीकी टीम ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ को संचालन का प्रशिक्षण दिया।
आईसीयू की निगरानी के प्रशिक्षण के बाद अस्पताल में आईसीयू सेवा सुचारु हो गई है। इसके साथ ही फाउंडेशन ने आईसीयू अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर कर दिया है। फाउंडेशन की टीम हर माह देखरेख के लिए आएगी। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचएच खड़ायत ने बताया कि आईसीयू की सेवा पूरी तरह सुचारु हो गई है। आईसीयू में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
स्टाफ की कमी से बढ़ा दबाव
जिला अस्पताल में आईसीयूू की सुविधा शुरू तो हो गई है, लेकिन जरूरी स्टाफ न होने से संचालन में परेशानी हो रही है। आईसीयू में पांच जीएमओ, एक निश्चेतक के साथ ही नर्स आदि स्टाफ की जरूरत है। फिलहाल अस्पताल के मौजूदा स्टाफ से ही किसी तरह काम चलाया जा रहा है। इससे मौजूदा स्टाफ पर दबाव बढ़ा है। अस्पताल प्रशासन पहले ही मुख्यालय से स्टाफ की मांग कर चुका है, लेकिन अब तक नई नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. खड़ायत ने बताया कि मुख्यालय को दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा।